झारखण्ड के प्रमुख 15 मेले, 15 famous fairs of jharkhand notes [important facts](hindi +eng) - New hindi english imp facts & best moral Quotes 2020

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Jharkhand k mele -
1.प्रस्तावना➡️➡️➡️ भारत  मेलों के लिये प्रसिद्ध है। यहाँ कोस ओ कोस की  दूरी पर जगह-जगह मेले लगते हैं जो अधिकांशत: धार्मिक होते हैं किन्तु कुछ पशु, व्यापार तथा कृषि मेले के साथ ही शहीदों को नमन के लिए भी मेले यहाँ लगते हैैं।भारत  का सबसे बड़ा मेला कुम्भ मेला कहा जाता है। भारत के राजस्थान राज्य में भी काफी मेले आयोजित होते है। जहाँ कुम्भ सबसे बड़ा मेला है वही शहीद मेला देश मे स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए महानायको की याद में आयोजित होने वाला सबसे लंबी अवधि का मेला है।

जब किसी एक स्थान पर बहुत से लोग किसी सामाजिक ,धार्मिक एवं व्यापारिक या अन्य कारणों से एकत्र होते हैं तो उसे मेला कहते हैं। भारतवर्ष में लगभग हर  महीने में मेले लगते रहते ही है। मेले तरह-तरह के होते हैं। एक ही मेले में तरह-तरह के क्रियाकलाप देखने को मिलते हैं और विविध प्रकार की दुकाने एवं मनोरंजन के साधन हो सकते हैं
  
2.  झारखण्ड --✒️✒️✒️


किसी  भी  राज्य की संस्कृति में मेलो का  होना  उत्साह एवं खुशहाली का  प्रतिक  माना  जाता  हैं l झारखंड की विविधतापूर्ण संस्कृति को देखना हो तो यहाँ के मेले इसके सबसे अच्छे उदाहरण हो सकते हैं। इन मेलों में हम झारखंड की पुरातन और अधुनातन संस्कृति, समाज और उनके कार्य-व्यापार को देख-समझ सकते हैं। हम देख सकते हैं उनकी पारंपरिक व्यवस्था, उनके खान-पान, जीवन-शैली, रीति-रिवाज, नृत्य-गीत, हरवा-हथियार, ढोल, मांदर, तुरही, भेर। झारखंड में मेले अब भी जीवित और जीवंत है।

झारखण्ड  में ईंद जतरा मेला, माघ मेला, राँची पहाड़ी का सावन मेला, मुड़मा मेला, जेठ जतरा मेला, शिव मंडा मेला, मुड़हर पहाड़ का मेला, फगडोल मेला, राष्ट्रीय खादी मेला, स्वर्णरेखा महोत्सव मेला, बाँग्ला सांस्कृतिक मेला, रामनवमी मेला, दुर्गा पूजा मेला, दशानन दहन मेला, टुसू मेला, जगन्नाथपुर रथयात्रा मेला, सुकन बुरू मेला, महामाया मंदिर का मेला, चैत्र पूर्णिमा मंडा मेला, रामरेखा धाम मेला, ऐतिहासिक फाल्गुन मेला, शहादत दिवस मेला और बुधू भगत गाँव के मेलों के  द्वारा  झारखंड की समृद्ध परंपराओं और वहाँ के निवासियों की श्रद्धा-भक्ति से परिचित होने  में  सहायता  प्रदान  करता हैं तथा इनके 
 माध्यम से झारखंड के जन-जीवन, रीति-रिवाज और लोक-संस्कृति को समझने में सुविधा होती है। 

Jharkhand k mele

3. झारखंड के प्रमुख 15 मेले --- 
     1. मांडा मेला➡️➡️  मांडा मेला का आयोजन मुख्य तौर पर  हजारीबाग,  रामगढ़,  बोकारो मैं किया जाता है इस मेले का आयोजन वैशाख, जेठ  एवं आषाढ़ महीने में किया जाता है, इस मेले की मुख्य विशेषता या है कि इस मेले में अंगारों की नाली में श्रद्धालु गन आग पर नंगे पांव चल कर अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हैं एवं पूजा अर्चना करते हैं। 

2. नवमी डोला मेला➡️➡️ इस मेले का आयोजन स्थल टाटीसिल्वे  जो झारखंड के रांची जिले में अवस्थित है।  इस मेले का आयोजन मुख्य रूप से चेत महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी को आयोजित होता है इस मेले में राधा कृष्ण की मूर्तियों का पूजन किया जाता है इस मेले की मुख्य विशेषता यह है कि इस मेले में राधा कृष्ण की सुंदर-सुंदर मूर्तियों को प्रदर्शित किया जाता है एवं उनकी पूजा अर्चना की जाती है। 

3. नरसिंहस्थान मेला➡️➡️  इस मेले का आयोजन झारखंड राज्य के हजारीबाग जिले में कार्तिक पूर्णिमा को जाता है या मुख्यता  शहरी मेला है।  

4. रथयात्रा मेला➡️➡️ रथयात्रा मेला का आयोजन झारखंड राज्य की राजधानी रांची के जगरनाथपुर में किया जाता है इस मेले का आयोजन आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीय एवं एकादशी को बड़ी धूमधाम से किया जाता है इस मेले में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है जो कि बहुत ज्यादा सुशोभित प्रतीत होती है इसकी इसकी वजह से पूर्ण जगन्नाथपुर की मनोरम छवि दिखाई पड़ती हैं। 

 5. श्रावणी या सावन मेला➡️➡️ सावन मेला का आयोजन वेदनाथ धाम जो कि देवघर जिले में अवस्थित है वहां बड़े ही भक्ति श्रद्धा भाव से आयोजित किया जाता है। इस मेले का आयोजन रावण के महीने में पूर्ण महीना किया जाता है इस मेले कि सबसे महत्वपूर्ण विशेषता श्रद्धालुओं द्वारा सर्वशक्तिमान ईश्वर शिव जी की मनोकामना करना एवं ज्योतिर्लिंग पर जल अर्पण करने के लिए कोसो कोस की दूरी से श्रद्धालुओं का आना उनकी भक्ति भाव को एक उत्तम स्वरूप प्रदान करता है। 

6. हाथी मा पत्थर मेला➡️➡️ हाथी में पत्थर महिला का आयोजन बोकारो जिले के फुसरो क्षेत्र में किया जाता है इस मेले का आयोजन मकर सक्रांति के समय किया जाता है। 

7. सूर्य कुंड मेला➡️➡️ इस मेले का आयोजन हजारीबाग जिले में मुख्य रूप से मकर सक्रांति से अगले 10 दिनों तक आयोजित किया जाता है। 

8. कुंदा मेला➡️➡️ कुंदा मेला का आयोजन झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर में किया जाता है इस मेले का आयोजन फागुन शिवरात्रि को किया जाताा है को किया जाता है इस मेले को पशुओं  का मेला भी कहा जाता हैै। 




9. हिजला मेला➡️➡️ हिजला मेला का आयोजन दुमका जिले में किया जाता है इस मेले का आयोजन मुख्य रूप से शरद ऋतु अर्थात फरवरी और मार्च के महीने में होता है या मेला मयूराक्षी नदी के किनारे आयोजित किया जाता है इस मेले का आयोजन प्रारंभ में 1890 ईसवी में संथाल परगना के तत्कालीन उपायुक्त कास्टैयस  द्वारा  की  गयी  थी। 

      ****** इन सभी मेलों के अतिरिक्त झारखंड में कुछ अन्य मेले भी आयोजित किए जाते हैं जिनमें यह प्रमुख है। 
1. गाँधी मेला या रामरेखा धाम मेला जिसका आयोजन सिमडेगा जिले में किया जाता है। 

2. तुर्की मेला जिसका आयोजन पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में किया जाता है। 

3. बिंदु धाम मेला - इस मेले का आयोजन साहिबगंज जिले में किया जाता है। 

4. उर्स मेला- इस मेले का आयोजन गुमला जिले में किया जाता है। 
5. जतराही मेला - इस मेले का आयोजन चतरा जिले में किया जाता है। 
6. बढ़ई  मेला - इस मेले का आयोजन देवघर जिले में किया जाता है।
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1. Introduction - India is famous for fairs. Fairs are held here at a distance from Kos O Kos, which are mostly religious, but some animal, trade and agricultural fairs as well as salutes to the martyrs are held here. The biggest fair of India is called Kumbh Mela. is. Many fairs are also held in the Indian state of Rajasthan. Where Kumbh is the biggest fair, the same martyr's fair is the longest period fair held in the country in memory of the martyrs who were martyred in the freedom struggle.


When many people gather at one place for any social, religious and business or other reasons, it is called a fair. Fairs are held almost every month in India. There are different types of fairs. Different activities are seen in the same fair and there can be a variety of shops and entertainment.



2. Jharkhand -

The presence of fairs in any state's culture is considered a sign of enthusiasm and prosperity. If you want to see the diverse culture of Jharkhand, the fairs here can be the best examples of this. In these fairs, we can see and understand the ancient and modern culture of Jharkhand, society and their business. We can see their traditional arrangements, their food, lifestyle, customs, dance-songs, harva-weapons, dhol, mandar, trumpet, bher. The fair in Jharkhand is still alive and alive.


Ind Jatra Fair, Magh Mela, Ranchi Pahadi Sawan Mela, Mudma Mela, Jeth Jatra Mela, Shiva Manda Mela, Mudhar Mela Fair, Fagdol Fair, National Khadi Fair, Swarnarekha Mela, Bangla Cultural Fair, Ramnavami Fair, Durga in Jharkhand Pooja Mela, Dashanan Dahan Mela, Tusu Mela, Jagannathpur Rath Yatra Mela, Sukan Buru Mela, Mahamaya Temple Fair, Chaitra Purnima Manda Mela, Rama Rekha Dham Mela, History Falgun Fair, martyrdom does Day Fair and Budhu Bhagat assisted in familiarizing the adoration of rich traditions and there are residents of the state by the fairs of the village and their

The medium facilitates understanding of the life, customs and folk culture of Jharkhand.


3. Major 15 Fairs of Jharkhand ---

1. Manda Mela: Manda Mela is mainly organized in Hazaribagh, Ramgarh, Bokaro. This fair is organized in the month of Vaishakh, Jeth and Aashaadh, the main feature of this fair is that of embers in this fair. Devotees walk barefoot on the gun fire to demonstrate their faith and offer prayers.


2. Navami Dola Fair: The venue of this fair is Tatisilwe which is located in Ranchi district of Jharkhand. This fair is organized mainly on the Navami of Krishna Paksha of the month of Chet. The idols of Radha Krishna are worshiped in this fair. The main feature of this fair is that beautiful fair statues of Radha Krishna are displayed in this fair. They are worshiped and worshiped.


3. Narasimhasthan Mela: This fair is organized on the occasion of Kartik Purnima in Hazaribagh district of Jharkhand state or mainly urban fair.


4. Rathayatra Mela: The Rathayatra Mela is organized in Jagarnathpur of Ranchi, the capital of Jharkhand state. This fair is organized with great pomp on the second and Ekadashi of Shukla Paksha of the month of Ashada, in this fair, Lord Jagannath's Rath Yatra was taken out. Goes which seems to be very beautiful, due to this, a panoramic image of full Jagannathpur is visible.


5. Shravani or Sawan Mela The Sawan Mela is organized in Vednath Dham which is located in Deoghar district with great devotion and reverence. This fair is organized for a full month in the month of Ravana. The most important feature of this fair is that the devotees wish to pray to the almighty God Shiva and come to the Jyotirlinga to offer water to the devotees from the distance of Koso Kos. Provides format.


6. Hathi maa stone fair: The stone lady in elephant is organized in Fusro area of ​​Bokaro district, this fair is organized during Makar Sakranti.


7. Surya Kund Mela: This fair is organized in Hazaribagh district mainly from Makar Sakranti for next 10 days.


8. Kunda Mela: Kunda Mela is organized at Pratappur in Chatra district of Jharkhand. This fair is organized on Fagun Shivratri, this fair is also called cattle fair.


9. Hijla Mela: Hijla Mela is organized in Dumka district. This fair is mainly held in the month of Autumn i.e. February and March or the fair is organized on the banks of river Mayurakshi. This fair is organized initially. It was done in 1890 AD by Castaius, the then Deputy Commissioner of Santhal Parganas.


****** Apart from all these fairs, some other fairs are also organized in Jharkhand in which it is prominent.

1. Gandhi Mela or Ram Rekha Dham Mela which is organized in Simdega district.


2. Turkey fair which is organized in Chaibasa in West Singhbhum district.


3. Bindu Dham Mela - This fair is organized in Sahibganj district.


4. Urs Fair- This fair is organized in Gumla district.

5. Jatarahi Fair - This fair is organized in Chatra district.

6. Carpenter Fair - This fair is organized in Deoghar district.


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