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List of Governors of Jharkhand Who is the current Governor of Jharkhand?

List of Governors of Jharkhand 


झारखण्ड के राज्यपाल सूची झारखण्ड के वर्तमान राज्यपाल कौन है? 

क्रमांक.


 झारखण्ड के राज्यपाल

पदग्रहण 

पदत्याग  

1. प्रभात कुमार  15 Nov  2000  3 Feb 2002
2. विनोद चंद्र पाण्डेय 4 Feb 200214 Jul 2002
3.  एम. रामा जोइस
15 Jul 2002
11 Jun 2003
4. वेद प्रकाश मारवाह 12 Jun 2003 9 Dec 2004
5.सैयद सिब्ते रजी 10 Dec 2004

 25 Jul 2009
6. केटेकल शंकर नारायणन 26 Jul 2009

21 Jan 2010
7. एम० ओ० हसन फारुक मारिकार 22 Jan 2010


3 Sep 2011
8.  डॉ. सैयद अहमद4 Sep 2011

 15 May 2015
9.  द्रौपदी मुर्मू 18 may 2015झारखंड के प्रेजेंट राज्यपाल
present
 

 


राज्यपाल 
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रधान होता है । इनकी नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद -153 के तहत् की जाती है । संविधान के अनुच्छेद -153 से 162 तक में राज्यपाल के कार्य एवं अधिकार का वर्णन है । राज्य का समस्त प्रशासन राज्यपाल इनकी के नाम से ही चलाया जाता है । 

 राज्यपाल राज्य के कार्यपालिका का भी प्रधान होता है ।  वह मंत्रिपरिषद् के परामर्श से कार्य करता है । यद्यपि उन्हें अनेक विशेषाधिकार भी  प्राप्त हैं । 

भारत में सामान्यतः एक राज्य के लिए एक राज्यपाल की नियुक्ति होती  है , लेकिन 1956 ई . में संविधान के अनुच्छेद -153 में संशोधनकर यह व्यवस्था की गई कि किसी एक व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों के राज्यपाल के रूप में अधिक राष्ट्रपति नियुक्त कर सकता है ।

 राज्यपाल बनने के लिए  क्या योग्यताएँ होती हैं? 
What are the qualifications to become a governor?
 - भारत के संविधान के अनुच्छेद -157 के अंतर्गत राज्यपाल के पद के लिए निम्नलिखित योग्यताएँ निर्धारित की गई हैं -
  • वह भारत का नागरिक हो ।  उसकी उम्र कम से कम 35 वर्ष हो । 
  • वह राज्य सरकार या केंद्र सरकार या दोनों के अधीन किसी सार्वजनिक उपक्रम में लाभ के पद पर न हो । 
  •  वह भारतीय संसद् या किसी भी राज्य के विधानमंडल का सदस्य न हो । 
  • अगर किसी ऐसे व्यक्ति , जो भारतीय संसद् या किसी भी राज्य के विधानमंडल का सदस्य हो , को राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल पद पर नियुक्त करते हों , तो उन्हें अपने नियुक्ति के तुरंत बाद अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देना जरूरी होता है । 

राज्यपाल की नियुक्ति  कैसे होती हैं?(appointment of governer)
 - राज्यपाल की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्षों के लिए की जाती है । भारतीय संविधान के अनुच्छेद -156 के अनुसार राज्यपाल का कार्यकाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत होता है । 

राज्यपाल का वेतन राज्य की संचित निधि से दिया जाता है । उसे निःशुल्क आवास और अन्य सुविधाएँ भी मिलती हैं । अनुच्छेद -158 के अनुसार राज्यपाल के वेतन , अधिकारों एवं सुविधाओं को उसकी पदावधि तक कम नहीं करने का प्रावधान है ।

 राज्यपाल के अधिकार 
Powers of governor
( क )  राज्यपाल के कार्यपालिका संबंधी अधिकार 
संविधान के अनुच्छेद -164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति और मुख्यमंत्री की सलाह से मंत्रिपरिषद् के अन्य सदस्यों की नियुक्ति करता है । सामान्यतः बहुमत दल के नेता को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है । 

• उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के समय राष्ट्रपति राज्य के राज्यपाल से सलाह लेते हैं । विधानसभा के एक मनोनीत सदस्य का मनोनयन राज्यपाल ही करते हैं । 

विधानपरिषद् के कुल सदस्य संख्या का 1/6 सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं । उनकी नियुक्ति कला , जान और सामाजिक सेवा से जुडे हुए लोगों में से की जाती है । राज्यपाल के  द्वारा राज्य के महाधिवक्ता और राज्य लोकसेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति की जाती है। 


   (ख ) राज्यपाल के वैधानिक अधिकार  क्या -क्या है? 
• राज्य  विधानमंडल का सत्र बुलाने , सत्रावसान करने और विधानसभा को विघटित करने का अधिकार राज्यपाल को है , लेकिन विधानमंडल के दो लगातार अधिवेशन में पहले अधिवेशन की अंतिम तिथि एवं दूसरे अधिवेशन की पहली तिथि के बीच 6 महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए ।

 • राज्यपाल को धन विधेयक और अनुदान माँगों की सिफारिश करने का अधिकार है । विधानमंडल में संदेश भेजने एवं अभिभाषण करने का अधिकार भी राज्यपाल को है । विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक , अधिनियमों को राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद ही प्रभावी किया जा सकता है ।  

राज्य लोकसेवा आयोग और महालेखा परीक्षक अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल के पास भेजते हैं और राज्यपाल इन रिपोर्टी को विधानमंडल के सामने रखते हैं । 

• विधानमंडल के किसी सदस्य की अयोग्यता संबंधी किसी विवाद में अंतिम निर्णय राज्यपाल का होता है , परंतु निर्णय लेने में राज्यपाल को चुनाव आयोग का परामर्श लेना आवश्यक है ।
 
• विधान परिषद् के सभापति या उप - सभापति का पद रिक्त होने पर विधान परिषद् के किसी भी सदस्य को विधान परिषद् की अध्यक्षता करने के लिए राज्यपाल के द्वारा आदेश दिया जाता है ।

 • भारत के संविधान के अनुच्छेद -352 ( 1 ) के तहत् राज्यपाल को देश में बाहरी आक्रमण या सैनिक विद्रोह की स्थिति में राज्य में आपातकाल लागू करने के लिए कोई भी अधिकार नहीं है , परंतु अनुच्छेद -356 के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश राष्ट्रपति से करता है ।

  ( ग )  राज्यपाल के वित्तीय अधिकार 
• राज्य विधानसभा में धन विधेयक को राज्यपाल की सिफारिश के बाद पेश किया जाता है । 

• राज्य की आकस्मिक निधि से व्यय के लिए राज्यपाल की अनुमति आवश्यक है । राज्यपाल , राज्य के वित्त मंत्री के माध्यम से राज्य विधानसभा में राज्य का वार्षिक बजट पेश करता है ।
 
• राज्यपाल को अनुदान माँगों की सिफारिश करने का अधिकार है ।

 ( घ ) राज्यपाल के न्यायिक अधिकार 
जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं पदोन्नति राज्यपाल करता है । राज्यपाल किसी व्यक्ति को मृत्युदंड को छोड़कर दिए गए दंड को कम या माफ कर सकता है । • राज्यपाल को राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायधीशों की नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं है . लेकिन राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद -217 ( 1 ) के आधार पर उनकी नियुक्ति में राज्यपाल से सलाह लेता है ।  

( ङ ) राज्यपाल के विवेकाधिकार
 • राज्य विधानसभा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं होने पर राज्यपाल अपने विवेक से किसी भी दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है । 

• राज्यपाल राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले संदेश में स्वविवेक का प्रयोग करता है । - राज्यपाल राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित कर सकता है ।

 झारखंड राज्य का गठन स्वतंत्र भारत के 28 वें राज्य के रूप में 15 नवंबर , 2000 ई . को हुआ तथा प्रथम राज्यपाल के रूप में प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त प्रभात कुमार की नियुक्ति झारखंड के प्रथम मुख्य सचिव , बी.एस. दूबे ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट ऑफ एपॉइंटमेंट ' पढ़कर की । 

प्रभात कुमार को झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बी.के. गुप्ता ने राज्यपाल की शपथ दिलाई । वर्तमान समय में राज्य के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू हैं ।  

।। Jharkhand Governor List।। झारखण्ड के राज्यपाल सूची।। 


प्रभात कुमार   झारखण्ड के राज्यपाल सूची में  पहला नाम आता हैं,।   झारखंड राज्य के पहले राज्यपाल (1st) प्रभात कुमार  का कार्यकाल 15 नवंबर , 2000 से 3 फरवरी , 2002 तक रहा । इनका जन्म 5 अक्तूबर , 1940 को इलाहाबाद में हुआ । ये अप्रैल , 1998 से अक्तूबर , 2000 तक भारत के मंत्रिमंडलीय सचिव पद पर रहे । 

उत्तर प्रदेश कैडर के आई.ए.एस. रहे प्रभात कुमार ने 40 वर्ष तक सरकारी सेवा में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । 
ये प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार भी रहे और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण में मुख्य भूमिका का निर्वहन किया । राज्य में अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने वाटर शेड प्रबंधन एवं आदिम जनजाति विकास पर विशेष ध्यान दिया । 

ये एक अच्छे लेखक भी हैं तथा प्रशासन की गुणवत्ता पर इनके लेख हमेशा प्रकाशित होते रहते हैं । ये इंडियन सोसायटी ऑफ ऑथर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं ।

 विनोद चंद्र पांडेय 

विनोद चंद्र पांडेय ने बिहार के राज्यपाल रहते हुए अतिरिक्त प्रभार के रूप में 4 फरवरी , 2002 से 14 जुलाई , 2002 तक राज्य के राज्यपाल का प्रभार संभाला । 

विनोद चंद्र पांडेय झारखंड के दूसरे राज्यपाल थे,  विनोद चंद्र पांडे का  जन्म 16 फरवरी , 1932 को जम्मू में हुआ । 

वे  राजस्थान कैडर के आई.ए.एस. रहे तथा श्री पांडेय वर्ष 1988 से 1990 तक कैबिनेट सचिव भी  रहे । उनकी लेखन क्षमता भी अच्छी थी । हिंदी , पाली और संस्कृत के ये प्रकांड विद्वान् थे ।  पांडे जी ने अनेक साहित्यिक पुस्तकों की रचना की । 73 वर्ष की आयु में 7 फरवरी , 2005 को नोएडा में इनका स्वर्गवास हो गया ।  


एम . रामा जोइस मांडागडे रामा जोइस  झारखंड राज्य के (3) तीसरे राज्यपाल के रूप में 15 जुलाई , 2002 से 11 जून , 2003 तक रहे । इनका जन्म 27 जुलाई , 1931 को कर्नाटक के सिमोगा जिले के अरागा गाँव में हुआ । 

रामा जी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा सर्वोच्च न्यायालय के वरीष्ठ अधिवक्ता भी रहे थे तथा न्यायपालिका में अपना गहन योगदान दिया।

 विख्यात कानूनविद् श्री जोइस ने कानून पर कई प्रख्यात पुस्तकें भी लिखी हैं । रामा जी एक सुलझे हुए कथा वास्तविक प्रतिवेदन के जानेे-माने इतिहासकार भी रहे हैं । 

लीगल एंड कॉन्स्टीट्यूशनल हिस्ट्री ऑफ इंडिया ' रामाजोइस  जी की   एक लोकप्रिय पुस्तक है । आपातकाल के दौरान ये बैंगलौर की सेंट्रल जेल में रहे । ये वर्तमान में कर्नाटक से भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं । 


वेदप्रकाश मारवाह वेदप्रकाश
मारवाह 12 जून , 2003 से 9 दिसंबर , 2004 तक राज्य के राज्यपाल रहे । इनका जन्म 15 सितंबर , 1932 को पेशावर ( पाकिस्तान ) में हुआ । 

भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे मारवाह ने 36 साल तक पुलिस सेवा की । झारखंड के अलावा ये वर्ष 1999-2003 तक मणिपुर तथा 2000 तक मिजोरम के भी राज्यपाल ( अतिरिक्त प्रभार ) रहे । 

इन्हें अपनी उच्च सेवाओं के लिए ' पदम्श्री ' , पुलिस वीरता पदक और गरज स्टार इत्यादि पुरस्कार प्राप्त हुए । इन्होंने ' अनसिविल वार ' , ' पैथोलोजी ऑफ टेरेरिज्म इन इंडिया ' नामक पुस्तक भी लिखी हैं । वर्तमान में ये सेंटर फॉर पुलिस रिसर्च , नई दिल्ली के मानद प्रोफेसर हैं ।

 सैयद सिब्ते रजी सैयद सिब्ले रजी 10 दिसंबर , 2004 से 25 जुलाई , 2009 तक राज्य के राज्यपाल रहे । कार्यकाल के लिहाज से राज्य के पांचवें राज्यपाल के रूप में वे अब तक के सबसे लंबे समय तक पदस्थ राज्यपाल रहे ।

 इनका जन्म 7 मार्च , 1939 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हुआ । वर्ष 1971 में ये युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने । 

के . शंकरनारायणन करीकल शंकरनारायणन 26 जुलाई , 2009 से 21 जनवरी , 2010 तक राज्य के राज्यपाल रहे । इनका जन्म 15 अक्तूबर , 1932 को केरल में हुआ । ये कांग्रेस के विख्यात नेताओं में शामिल हैं । 

इन्होंने नागालैंड , अरुणाचल प्रदेश और गोवा के राज्यपाल का पदभार भी संभाला ।

एम.ओ. हसन फारुक मारिकार
  एम.ओ. हसन फारूक मारिकार झारखंड राज्य के( सातवें)
7 वें  राज्यपाल थे 22 जनवरी , 2010 से 3 सितंबर , 2011 तक राज्य के सातवें राज्यपाल रहे । 


फारुख मारिकार  जी का जन्म 6 सितंबर , 1937 को पांडिचेरी में हुआ था । इन्होंने तीन बार पांडिचेरी के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला  ।

 तथा इनका देहावसान 26 जनवरी , 2012 को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में हो गया ।

सैय्यद अहमद
सैय्यद अहमद झारखंड राज्य के (आठवें)8 वें राज्यपाल के रूप में 4 सितंबर , 2011 से 18 मई , 2015 तक पद पर रहे । इनका जन्म 6 मार्च , 1945 को मुंबई में हुआ । 


इनका राजनीतिक जीवन कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ा रहा । राजनीति के साथ - साथ ये अपने लेखन के लिए भी उन्हें याद किया जाता  हैं । 

' पगडंडी से शहर तक ' नाम से इन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी । इसके अलावा ' मक्तल से मंजिल ' , ' कफस से चमन ' तथा ' जंगे आजादी में उर्दू शायरी ' इनकी चर्चित पुस्तकें रहीं ।

 इनका निधन 27 दिसंबर , 2015 को कैंसर की बीमारी  से पीड़ित होने के कारण मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका देहांत  हो गया ।

द्रोपति मुर्मू
झारखंड राज्य के वर्तमान राज्यपाल द्रौपदी मुरमू को 18 मई , 2015 को राज्य का राज्यपाल बनाया गया । द्रोपति जी झारखंड राज्य की 9 वीं तथा प्रथम महिला राज्यपाल एवं प्रथम आदिवासी राज्यपाल हैं । 

द्रोपति मुर्मू का जन्म 20 जून , 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर के वैदोपोसी गाँव में हुआ । द्रोपति मुर्मू ओडिशा की आदिवासी राजनीतिज्ञ रही हैं साथ ही देश की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल भी हैं ।

Who is the current Governor of Jharkhand 2020?

Ans-Draupati Murmu.


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